भारतीय सांस्कृतिक नवाचार महासम्मेलन (आईसीआईसी–2026) के द्वितीय दिवस के अंतर्गत आज राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी में भव्य ‘संवाद समारोह’ का आयोजन किया गया। 14 से 16 सितंबर 2026 तक वाराणसी में आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा, समाजसेवा, सिनेमा, चिकित्सा, उद्यमिता, व्यवसाय तथा नवाचार के क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्ध व्यक्तित्व एक मंच पर एकत्रित होकर भारतीय सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपराओं की समकालीन प्रासंगिकता तथा भविष्य की संभावनाओं पर विमर्श कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण, सरस्वती वंदना तथा वंदे मातरम् के साथ हुआ। इस अवसर पर राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के प्रभारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमन गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री चंद्रशेखर, प्रख्यात कृषिविद्, रहे। प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार चौधरी, प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, विकिरण चिकित्सा एवं विकिरण औषधि विभाग, आयुर्विज्ञान संस्थान, वाराणसी, विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। श्री पुनीत मेहरोत्रा, वैश्विक नेतृत्व प्रशिक्षक, विशिष्ट अतिथि तथा श्री अंशुमान सिंह, अध्यक्ष, रोटरी क्लब यूनिटी, वाराणसी एवं एनआरएआई अध्याय, वाराणसी तथा होटल वरुणा समूह के स्वामी, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संस्कृति, सृजनशीलता एवं समकालीन भारत पर हुआ सार्थक संवाद।
संवाद समारोह के द्वितीय सत्र में भारतीय समाज, संस्कृति, सिनेमा, सृजनशीलता एवं उद्यमिता के विविध आयामों से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों के साथ सार्थक संवाद एवं अंतःक्रिया आयोजित की गई।
इस सत्र में श्री हिमांशु चतुर्वेदी, प्रख्यात समाजसेवी एवं ‘स्वाधीन सागर’ संस्था से संबद्ध; श्री अजय कनौजिया, चर्चित फिल्म निर्देशक; तथा श्री सुजीत अस्थाना, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता एवं रंगमंच निर्देशक ने अपने विचार साझा किए। श्री अभिजीत सिंह, प्रबंध निदेशक, ऋषिवंशी रिट्ज रिसॉर्ट्स एंड होटल्स, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संवाद के दौरान भारतीय संस्कृति, सामाजिक उत्तरदायित्व, सिनेमा, सृजनशीलता, उद्यमिता तथा समकालीन आर्थिक अवसरों के बीच विकसित हो रहे संबंधों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपराओं को आधुनिक प्रौद्योगिकी, रचनात्मक उद्योगों तथा उभरते उद्यमिता पारितंत्र से जोड़कर नई संभावनाओं का निर्माण किया जा सकता है।
व्यावसायिक नवाचार एवं उद्यम प्रस्तुति मंच बना प्रमुख आकर्षण।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘व्यावसायिक नवाचार एवं उद्यम प्रस्तुति मंच’ रहा, जिसमें उभरते नवोन्मेषकों एवं उद्यमियों को अपने व्यावसायिक विचारों एवं नवाचारों को विशेषज्ञों, उद्यमियों तथा व्यवसाय जगत से जुड़े निर्णायकों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
उद्यम प्रस्तुति मंच को दो चरणों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रमुख 11 नवाचार-आधारित व्यावसायिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
निर्णायक एवं विशेषज्ञ मंडल में सीए धनंजय ओझा, संस्थापक, धनकैपिटल वेंचर्स; श्री आशुतोष उपाध्याय, श्री नीरज अग्रवाल, श्री पुलकित अग्रवाल, श्री अनूप जायसवाल, श्री अभिषेक गुप्ता, श्री अरविंद जायसवाल एवं श्री गुंजन शाह; व्यापारी नेटवर्क से डॉ. स्वाति मित्तल एवं श्री अपूर्व मित्तल; श्री दीपक तिवारी, परामर्शदाता एवं उद्यमी; तथा भारतीय उद्योग परिसंघ के युवा भारतीय प्रभाग से श्री गौरव अग्रवाल एवं श्री कौशिव अग्रवाल शामिल रहे।
साथ ही श्रोताओं में, डॉ. भावना वर्मा, डॉ. ज्ञान, ऐश्वर्य त्रिपाठी आदि भी मौजूद रहे।
इस मंच के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने नवाचार एवं व्यावसायिक अवधारणाओं को प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने तथा उद्यमिता जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला।
यह पहल आईसीआईसी–2026 के उस व्यापक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है, जिसका उद्देश्य ‘विचार से नवाचार और नवाचार से सतत उद्यम’ की दिशा में एक सशक्त मंच का निर्माण करना है।
स्टार्टअप उद्यमों को मिला बीज-पूंजी का प्रोत्साहन।
संवाद समारोह के दौरान नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई।
‘स्पीडीगो’ एवं ‘सारथी एम्बुलेंस’ नामक दो नवोद्यमों को धनकैपिटल वेंचर्स के संस्थापक सीए धनंजय ओझा द्वारा बीज-पूंजी उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। वहीं ‘फ्रेशमार्केट’ को व्यापारी नेटवर्क के श्री पुलकित अग्रवाल द्वारा बीज-पूंजी प्रदान करने का आश्वासन दिया गया।
यह पहल उभरते नवोद्यमों को उनके प्रारंभिक विचारों से व्यावसायिक स्तर तक पहुँचाने तथा नवाचार-आधारित उद्यमिता को गति प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उत्कृष्ट शोध-पत्र के लिए डॉ. प्रीति सिंह सम्मानित।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रीति सिंह को उनके उत्कृष्ट शोध-पत्र के लिए ‘उत्कृष्ट शोध-पत्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान सम्मेलन में शोध, ज्ञान-सृजन तथा अकादमिक नवाचार को दिए जा रहे महत्व को रेखांकित करता है।
समापन सत्र में प्रतिभागियों एवं अन्य योगदानकर्ताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का आभार ज्ञापन डॉ. विनिता कालरा ने प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. गरिमा आनंद ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया।
आईसीआईसी–2026 की कार्यक्रम संयोजक एवं एएफआईई की प्रभारी प्रोफेसर डॉ. अपर्णा सिंह के संयोजन में आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं, कलाकारों एवं युवा नवोन्मेषकों ने सक्रिय सहभागिता की।
कल होगा आईसीआईसी–2026 का भव्य समापन समारोह।
आईसीआईसी–2026 का तृतीय एवं अंतिम दिवस, 16 सितंबर 2026, अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, पहड़िया, सारनाथ, वाराणसी में आयोजित किया जाएगा।
महासम्मेलन के भव्य समापन समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री (प्रो.) मंगला कपूर होंगी। इस अवसर पर सम्मेलन से जुड़े प्रमुख अतिथि, वक्ता, शोधकर्ता, नवोन्मेषक, उद्यमी, सांस्कृतिक प्रतिनिधि, कलाकार एवं अन्य विशिष्ट प्रतिभागी उपस्थित रहेंगे।
तीन दिवसीय भारतीय सांस्कृतिक नवाचार सम्मेलन–2026 का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपराओं को नवाचार, उद्यमिता एवं भविष्य-दृष्टि के साथ जोड़ते हुए ऐसा सशक्त मंच विकसित करना है, जहाँ भारतीय ज्ञान, सृजनशीलता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को समकालीन सामाजिक एवं आर्थिक विकास की नई संभावनाओं से जोड़ा जा सके।
आईसीआईसी–2026 का मूल संदेश है —
“भारतीय संस्कृति केवल हमारी विरासत नहीं, बल्कि नवाचार और भविष्य-निर्माण की जीवंत शक्ति भी है।”














