Home » देश » #144 प्रस्तावों में महज 24 को मंजूरी, गांवों का विकास कैसे हो पांच माह से विकास कार्यों पर ब्रेक, नए काम शुरू कराने के लिए स्वीकृति का इंतजार#

#144 प्रस्तावों में महज 24 को मंजूरी, गांवों का विकास कैसे हो पांच माह से विकास कार्यों पर ब्रेक, नए काम शुरू कराने के लिए स्वीकृति का इंतजार#

Share This Article

आजमगढ़। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए शासन की ओर से ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया है, लेकिन नई व्यवस्था में विकास कार्यों की स्वीकृति मिलने की धीमी प्रक्रिया के चलते गांवों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। फूलपुर ब्लॉक से नए विकास कार्यों के लिए भेजे गए 144 प्रस्तावों में से अब तक महज 24 को ही मंजूरी मिल सकी है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई के अंतिम सप्ताह में समाप्त हो गया था। पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं होने के कारण प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने की मांग उठी थी। इसको लेकर प्रधानों ने धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही शासन स्तर पर ज्ञापन भी सौंपे थे। इसके बाद शासन ने ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर उन्हें विकास कार्यों सहित अन्य जिम्मेदारियां सौंपीं। नई व्यवस्था के तहत पहले से स्वीकृत उन कार्यों को पूरा कराने और उनका भुगतान करने की अनुमति है, जिनकी कार्य आईडी जारी हो चुकी है या जिन पर काम चल रहा है। हालांकि, नए विकास कार्यों को कराने के लिए जिलाधिकारी की स्वीकृति लेना अनिवार्य किया गया है। शासन से नई गाइडलाइन मिलने के बाद फूलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए। ग्राम पंचायत सचिवों और प्रशासकों ने कार्ययोजना, एस्टीमेट और जियो टैगिंग समेत जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर फाइलें सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय में जमा कीं। वहां से खंड विकास अधिकारी की स्वीकृति के बाद कुल 144 फाइलें जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय भेजी गईं। इनमें से अब तक केवल 24 प्रस्तावों को ही मंजूरी मिल पाई है। नए प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिलने से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। करीब पांच माह से विकास कार्य प्रभावित होने के कारण गांवों में जरूरी निर्माण और मरम्मत के काम अटके हुए हैं। फिलहाल पंचायत सहायकों और शौचालय केयरटेकर के मानदेय तथा टेंडर समेत अन्य मदों के भुगतान की प्रक्रिया ही चल पा रही है। स्वीकृति की धीमी रफ्तार से ग्राम पंचायतों के प्रशासकों में निराशा है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के प्रस्ताव और जरूरी दस्तावेज समय से तैयार कर जमा कर दिए गए हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में मंजूरी नहीं मिलने से योजनाओं को धरातल पर उतारना मुश्किल हो रहा है। प्रशासकों ने लंबित प्रस्तावों पर जल्द निर्णय लेने और स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रस्तावों को समय से मंजूरी मिलने पर ही गांवों में रुके विकास कार्य शुरू हो सकेंगे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ग्राम पंचायतों को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने में सहयोग की अपेक्षा जताई है।

News 9 Bharat
Author: News 9 Bharat

News9Bharat.in एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और तेज़ी से समाचार उपलब्ध कराने वाला हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है। हमारा उद्देश्य देश और दुनिया की हर महत्वपूर्ण खबर को सरल, सटीक और तथ्यपरक रूप में पाठकों तक पहुँचाना है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Advertisement

Live Poll

Are You Satisfied News9bharat ?

Also Read This