लगातार एक सप्ताह तक खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से स्थगित रहने के बाद शनिवार को आखिरकार श्री माता वैष्णो देवी यात्रा फिर से शुरू हो गई। मौसम में आंशिक सुधार होने पर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने सुबह करीब सात बजे यात्रा बहाल करने का निर्णय लिया। यात्रा शुरू होने की सूचना मिलते ही देशभर से कटड़ा पहुंचे श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर पहुंचकर पंजीकरण करवाने लगे।
हालांकि, सुबह करीब साढ़े आठ बजे अचानक तेज बारिश शुरू होने पर सुरक्षा के मद्देनजर श्राइन बोर्ड ने लगभग डेढ़ घंटे के लिए यात्रा पंजीकरण अस्थायी रूप से रोक दिया। इसके बावजूद श्रद्धालु पंजीकरण केंद्रों के बाहर धैर्यपूर्वक डटे रहे।
सुबह करीब दस बजे बारिश थमने के बाद एक बार फिर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिसके बाद श्रद्धालु परिवारों के साथ पंजीकरण करवाकर जय माता दी के जयकारों के बीच भवन की ओर रवाना हुए।
पारंपरिक मार्ग से यात्रा जारी
श्राइन बोर्ड ने फिलहाल श्रद्धालुओं को केवल पारंपरिक यात्रा मार्ग से ही यात्रा करने की सलाह दी है। सुरक्षा कारणों से बैटरी कार मार्ग और ताराकोट मार्ग अभी बंद रखे गए हैं। इन दोनों मार्गों पर सफाई एवं आवश्यक मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और मौसम पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही इन्हें खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्ग पर एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन दल, सीआईएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ तथा श्राइन बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी जगह-जगह तैनात किए गए हैं। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।त्रिकूटा पर्वत पर बादलों का जमाव बना हुआ है और बीच-बीच में बारिश का दौर भी जारी है। ऐसे में श्रद्धालुओं से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सावधानीपूर्वक यात्रा करने की अपील की जा रही है।
एक सप्ताह बाद यात्रा दोबारा शुरू होने से कटड़ा पहुंचे श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। माथे पर ‘जय माता दी’ की पट्टी, हाथों में लाठी और बरसाती ओढ़े श्रद्धालु पूरे जोश और आस्था के साथ भवन की ओर रवाना होते नजर आए।
2000 श्रद्धालुओं ने करवाया रजिस्ट्रेशन
समाचार लिखे जाने तक लगभग 2000 श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवाकर भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे तथा पंजीकरण का सिलसिला लगातार जारी था। सूत्रों के अनुसार, जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धालुओं को फिलहाल केवल दिन के समय ही यात्रा की अनुमति दी जा सकती है, जबकि रात्रिकालीन यात्रा पर स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन और श्राइन बोर्ड का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात की पल-पल निगरानी की जा रही है। बता दें की खराब मौसम व बारिश को लेकर श्राइन बोर्ड ने बीते शनिवार रात्रि को मां वैष्णो देवी की यात्रा को स्थगित कर दिया था | पर मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शनों को लेकर श्रद्धालु लगातार आधार शिविर कटड़ा डटे रहे |














