जिलाधिकारी से शिकायत कर पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप
आजमगढ़। जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी गिरधारी पुत्र झगरू ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे और विरोध करने पर धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने 31 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने तथा राजस्व एवं पुलिस टीम की मौजूदगी में अपनी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, गिरधारी की ग्राम बेलकुण्डा में गाटा संख्या 408 में पुश्तैनी भूमि स्थित है। आरोप है कि जब भी वह अपनी जमीन पर खेती-किसानी के लिए जोताई-बुआई करने जाता है, तो बगल के काश्तकार नन्दू व शंकर पुत्रगण खदेरू, शिवम पुत्र स्वर्गीय फौजदार तथा रंजेश पुत्र शंकर लाठी-डंडे लेकर पहुंच जाते हैं और ट्रैक्टर के सामने खड़े होकर उसे खेती करने से रोकते हैं। इस दौरान विवाद और मारपीट पर आमादा होने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि उसने इससे पहले 9 सितंबर 2026 को भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में कानूनगो, लेखपाल और थाना रौनापार की संयुक्त टीम भूमि का चिन्हांकन करने पहुंची थी। आरोप है कि विपक्षियों ने राजस्व टीम को पैमाइश करने से रोक दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय कानूनगो ने आईजीआरएस की शिकायत को मानने से इनकार करते हुए उसे विधिवत मुकदमा दाखिल करने की सलाह दी। गिरधारी के मुताबिक, विपक्षी उसकी वृद्धावस्था और कमजोरी का फायदा उठाकर उसे लगातार परेशान कर रहे हैं। आरोप है कि राजस्व टीम और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में रंजेश ने पैमाइश नहीं होने देने और जमीन नहीं छोड़ने की धमकी दी। साथ ही अधिक शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम से भूमि की पैमाइश कराने और अपनी पुश्तैनी जमीन को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है।














