आजमगढ़। जिले में नहरों की नए सिरे से खुदाई और सफाई शुरू होने से किसानों में खुशी की लहर है। जय किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष राजनेत यादव ने इसे तीन वर्षों से जारी किसान संघर्ष की बड़ी जीत बताया। नहरों के निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर किसानों ने उनका स्वागत किया।
आंदोलन के अनुसार, जिले की अधिकांश नहरों में सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति होने और गाद नहरों में ही छोड़ दिए जाने से पानी का प्रवाह बाधित था। इससे किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। समस्या के समाधान के लिए राजनेत यादव के नेतृत्व में किसान पंचायतें, धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से लगातार आवाज उठाई गई।
राजनेत यादव ने बताया कि आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने पूरे जिले की नहरों की जांच की और 19 दिसंबर 2025 को जांच रिपोर्ट आयुक्त, आजमगढ़ मंडल को सौंपी। इसके बाद समस्या के समाधान का आश्वासन मिला और अब नहरों की खुदाई शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि किसान प्रतिनिधियों की देखरेख में खुदाई कराई जा रही है। जिन नहरों की चौड़ाई घटकर चार मीटर रह गई थी, वहां अब 11 मीटर तक खुदाई की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों से कार्य में लापरवाही न बरतने की अपील की। साथ ही कहा कि नहरों की हेड से टेल तक सफाई होने से पूर्वांचल के कई जिलों को लाभ मिलेगा। इससे सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने के साथ घाघरा नदी में पानी का दबाव कम करने और बाढ़ के खतरे को घटाने में भी मदद मिल सकती है। इस दौरान आशीष पटेल, दिनेश प्रजापति, अतुल कुमार और अरविंद यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।














