उत्तर प्रदेश पुलिस का “ऑपरेशन कन्विक्शन” अपराधियों के लिए काल साबित हो रहा है। ढाई दशक (25 साल) तक कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करने वाले एक शातिर अभियुक्त को आखिरकार उसके अंजाम तक पहुंचा दिया गया है। अदालत ने सालों पुराने चोरी के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
25 साल पुराना हिसाब चुकता, एसीजेएम-2 कोर्ट का बड़ा प्रहार
मामला वर्ष 1995 का है, जब जौनपुर के थाना मछलीशहर में धारा 382 आईपीसी (चोरी के इरादे से हमला या चोट पहुंचाना) के तहत मुकदमा दर्ज (मु0अ0सं0-440/95) हुआ था। लंबे समय से लंबित इस मामले में पुलिस महानिदेशक के अभियान के तहत पुलिस ने अदालत में ऐसी पैरवी की कि आरोपी के बचने के सारे रास्ते बंद हो गए।
पप्पू उर्फ अख्तर को मिली 10 वर्ष की जेल
एसीजेएम-2 (ACJM-2) जौनपुर की अदालत ने सीदीगंज (थाना मछलीशहर) निवासी पप्पू उर्फ अख्तर पुत्र जलालुद्दीन को धारा 382 भादवि का दोषी पाया। अदालत ने 27 अगस्त 2026 को सख्त रुख अपनाते हुए अभियुक्त को 10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया।
कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन!
जौनपुर पुलिस की इस प्रभावी और धमाकेदार पैरवी ने साफ संदेश दे दिया है कि गुनाह कितना भी पुराना क्यों न हो, ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत सजा मिलकर ही रहेगी। 25 साल बाद आए इस फैसले से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।














