72 घंटे में गिरफ्तार होगा स्वतंत्र
ऋषव रंजन के अनुसार, पुलिस हमारी मांग के लिए मान गई है। हमने मांग की है कि निशु को दी जा रही ऑनलाइन धमकियों के खिलाफ एक अलग FIR दर्ज की जाए। दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वे उसे (स्वतंत्र भारद्वाज) आज या 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर सकते हैं। हमने उन अकाउंट्स की लिस्ट दी है, जिनके जरिए निशु को ऑनलाइन गालियां दी जा रही हैं।
न्याय दिलाने की मांग
सीजेपी नेताओं का कहना है कि जब स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, वे धरने से नहीं उठेंगे। उनका कहना है कि वे निशु आजाद और उनके पिता संजय को न्याय दिलाकर रहेंगे।
SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी जाएं
CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका, इंडियन यूथ कांग्रेस दिल्ली के प्रेसिडेंट अक्षय लाकड़ा ने पुलिस से मिलकर अपनी मांग रखी है कि CJP नेता निशु आजाद और उनके पिता संजय के मामले में दर्ज FIR में हत्या की कोशिश, SC/ST एक्ट और POCSO की धाराएं जोड़ी जाएं।बता दें कि सीजेपी नेताओं के साथ नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिलनी चाहिए। चंद्रशेखर ने कहा कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है।
थाने के बाहर भारी फोर्स तैनात
वहीं, सीजेपी के धरने को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी है। मौके पर भारी पुलिसफोर्स तैनात कर दिया गया है।
आशुतोष रांका का कहना है कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय को पीटा गया था। हम न्याय मांगते रहे लेकिन, न्याय नहीं मिला।
अपराधी खुलेआम जुर्म कबूल रहे: CJP
उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब हालात ऐसे हैं कि अपराधी खुलेआम जुर्म कबूल कर रहा है। लेकिन दिल्ली पुलिस ने बीजेपी के कहने पर कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा, ‘हम निशु और उसके पिता के साथ खड़े हैं। हम पुलिस से हत्या का केस दर्ज करने की मांग करेंगे।’ फिलहाल सीजेपी नेता के पुलिस स्टेशन पहुंचने के मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
स्वतंत्र के वीडियो से मचा घमासान
उधर, CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी और स्वयंभू इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिससे राजनीतिक घमासान मचा है।भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह दावा किया है कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के एक फोन कॉल की वजह से वह जेल जाने से बच गए।














