आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों से लिए गए सुझाव!
आजमगढ़। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने गुरुवार को आजमगढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति तथा आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में आयोग के सदस्य बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, एसपी सिंह और ओएसडी डॉ. मो. असलम अंसारी मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर कंडारकर और मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा ने जनपद में पंचायत निर्वाचन, ओबीसी प्रतिनिधित्व तथा उपलब्ध अभिलेखों से संबंधित जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत की।
आयोग ने आगामी पंचायत चुनाव के मद्देनजर आरक्षण व्यवस्था और पंचायतों में पिछड़े वर्ग की भागीदारी का तथ्यपरक आकलन करने पर जोर दिया। इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों, संबंधित अभिलेखों और जमीनी स्तर पर प्राप्त साक्ष्यों को महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक के दौरान ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, वार्ड सदस्यों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद किया गया। जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार, अनुभव और सुझाव रखे, जिन्हें प्रश्नोत्तरी के माध्यम से लिखित रूप में संकलित किया गया। आयोग ने इन जानकारियों को ओबीसी वर्ग की वास्तविक स्थिति और प्रतिनिधित्व का आकलन करने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि जय प्रकाश यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत वर्तिका त्रिपाठी, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी चेतन, जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी सहित विभिन्न अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।














