सरकारी अभिलेख छीनने और धमकी देने का भी लगाया आरोप
राजस्व जांच के दौरान हुआ विवाद, चार के खिलाफ मुकदमा
आजमगढ़। जनपद के फूलपुर तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में राजस्व जांच करने पहुंचे लेखपाल से कथित तौर पर सरकारी अभिलेख छीनने, गाली-गलौज करने और धमकी देने का मामला सामने आया है। लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तहरीर के अनुसार, जहानागंज थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार गौतम फूलपुर तहसील के सुल्तानपुर लेखपाल मंडल में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। वह चार अक्टूबर को आईजीआरएस शिकायत के निस्तारण के लिए सुल्तानपुर गांव में स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच करने पहुंचे थे। लेखपाल का आरोप है कि जांच के दौरान गाटा संख्या 408/0.081 हेक्टेयर, जो घेरा (जंगल) खाते की धारा 77 के अंतर्गत दर्ज भूमि है, वहां नीम और महुआ के पेड़ गिरने के बाद उनकी लकड़ी सूर्यभान पुत्र बाबूलाल और परमीला पत्नी सूर्यभान द्वारा काटकर घर ले जाई जा रही थी। लेखपाल के अनुसार, उन्होंने मौके पर पहुंचकर लकड़ी ले जाने से रोक दिया। आरोप है कि इसके बाद सूर्यभान आबादी की भूमि गाटा संख्या 398/0.040 हेक्टेयर का सीमांकन कराने के लिए दबाव बनाने लगे। लेखपाल ने उन्हें सीमांकन की वैधानिक प्रक्रिया के बारे में बताया। इससे नाराज होकर आरोपियों ने कथित तौर पर उनके हाथ से सरकारी अभिलेख, नक्शा, प्रार्थना पत्र और अन्य कागजात छीन लिए तथा गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि दोबारा मौके पर दिखाई देने पर हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे। लेखपाल ने तहरीर में आरोप लगाया कि सूर्यभान, परमीला, अर्पित पुत्र सूर्यभान और मनोज यादव पुत्र स्व. हरिराम ने उन्हें दौड़ा लिया और मारपीट की धमकी दी। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाकर वहां से निकाला। घटना के बाद लेखपाल ने उपजिलाधिकारी फूलपुर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। अधिकारियों के आदेश के बाद सात अक्टूबर को पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।














